जनाय च नमस्तुभ्यं तपसे वरदाय च। नमो वन्द्याय मोक्षाय जनाय नरकाय च ।। २४.
भवाय भजमानाय इष्टाय याजकाय च। अभ्युदीर्णाय दीप्ताय तत्त्वाय निर्गुणाय च ।। २४.
नमः पाशाय हस्ताय नमः स्वाभरणाय च। हुताय चापहुताय प्रहुतप्रशिताय च ।। २४.
नमोऽस्त्विष्टाय मूर्त्ताय ह्यग्निष्टोमर्त्विजाय च। नम ऋताय सत्याय भूताधिपतये नमः ।। २४.
सदस्याय नमश्चैव दक्षिणावभृथाय च। अहिंसायाथ लोकानां पशुमन्त्रौषधाय च ।। २४.
नमस्तुष्टिप्रदानाय त्र्यम्बकाय सुगन्धिने। नमोऽस्त्विन्द्रियपतये परिहाराय स्रग्विणे ।। २४.
विश्वाय विश्वरूपाय विश्वतोऽक्षिमुखाय च। सर्वतः पाणिपादाय रुद्रायाप्रमिताय च ।। २४.
नमो हव्याय कव्याय हव्यकव्याय वै नमः। नमः सिद्धाय मेध्याय चेष्टाय त्वव्ययाय च ।। २४.
सुवीराय सुघोराय ह्यक्षोभ्यक्षोभणाय च। सुमेधसे सुप्रजाय दीप्ताय भास्कराय च ।। २४.
मनो नमः सुपर्णाय तपनीयनिभाय च। विरूपाक्षाय त्र्यक्षाय पिङ्गलाय महौजसे ।। २४.
दृष्टिघ्नाय नमश्चैव नमः सौम्येक्षणाय च। नमो धूम्राय श्वेताय कृष्णाय लोहिताय च ।। २४.
पिशिताय पिशङ्गाय पीताय च निषङ्गिणे। नमस्ते सविशेषाय निर्विशेषाय वै नमः ।। २४.
नमो वै पझवर्णाय मृत्युघ्नाय च मृत्यवे । नमः श्यामाय गौराय कद्रवे रोहिताय च ।। २४.
नमः कान्ताय सन्ध्याभ्रवर्णाय बहुरूपिणे। नमः कपालहस्ताय दिग्वस्त्राय कपर्द्दिने ।। २४.
अप्रमेयाय शर्वाय ह्यवध्याय वराय च। पुरस्तात् पृष्ठतश्चैव बिभ्राणाय कृशानवे ।। २४.
दुर्गाय महते चैव रोधाय कपिलाय च। अर्कप्रभशरीराय बलिने रंहसाय च ।। २४.
पिनाकिने प्रसिद्धाय स्फीताय प्रसृताय च। सुमेधसेऽक्षमालाय दिग्वासाय शिखण्डिने ।। २४.
चित्राय चित्रवर्णाय विचित्राय धराय च। चेकितानाय तुष्टाय नमस्त्वनिहिताय च ।। २४.
नमः क्षान्ताय शान्ताय वज्रसंहननाय च। रक्षोघ्नाय मखघ्नाय शितिकण्ठोर्द्ध्वरेतसे ।। २४.
अरिहाय कृतान्ताय तिग्मायुधधराय च। समोदाय प्रमोदाय इरिणायैव ते नमः ।। २४.
प्रणवप्रणवेशाय भक्तानां शर्मदाय च। मृगव्याधाय दक्षाय दक्षयज्ञहराय च ।। २४.
सर्वभूताय भूताय सर्वेशातिशयाय च। पुरभेत्रे च शान्ताय सुगन्धाय वरेशवे ।। २४.
पुष्पवन्तस्वरुपाय भगनेत्रान्तकाय च । कणादाय वरिष्ठाय कामाङ्गदहनाय च ।। २४.
रवेः करालचक्राय नागेन्द्रदमनाय च। दैत्यानामन्तकायाथो दिव्याक्रन्दकराय च ।। २४.
श्मशानरतिनित्याय नमस्त्र्यम्बकधारिणे। नमस्ते प्राणपालाय धवमालाधराय च ।। २४.
प्रहीणशोकैर्विविधैर्भूतैः परिष्टुताय च। नरनारीशरीराय देव्याः प्रियकराय च ।। २४.
जटिने दण्डिने तुभ्यं व्यालयज्ञोपवीतिने । नमोऽस्तु नृत्यशीलाय वाद्यनृत्यप्रियाय च ।। २४.
मन्यवे शीतशीलाय सुगीतिगायते नमः। कटककराय भीमाय चोग्ररूपधराय च ।। २४.
विभीषणाय भीमाय भगप्रमथनाय च। सिद्धसङ्घातगीताय महाभागाय वै नमः ।। २४.
नमो मुक्ताट्टहासाय क्ष्वेडितास्फोटिताय च। नदते कूर्दते चैव नमः प्रमुदिताय च ।। २४.