काली-संतराण उपनिषद् में बताया गया है कि हे हरि (कृष्ण) और हे राम — भगवान के यह मधुर नाम और उनकी आनंदमय कृपा, जब धीरे-धीरे और बार-बार गाए जाते हैं, तो यह महान मंत्र (महामंत्र) मन को शुद्ध करता है और हृदय में प्रेम को जागृत कर देता है। इन पवित्र नामों का जाप, भगवान की कृपा को अनुभव कराने वाला है, और हर व्यक्ति के भीतर प्रेम की भावना को उत्पन्न करता है।